rashi sharma
rashi sharma 02 Aug, 2022 | 1 min read

मैं और वो............

काश झगड़ा भी बच्चों वाला होता, एक मुस्कान या टाॅफी पर सुलझ गया होता.

Reactions 0
Comments 0
744
rashi sharma
rashi sharma 01 Aug, 2022 | 0 mins read

"क्या फर्क पड़ता है"

हो ना हो हमें पता है, पूरा तो नहीं पर थोड़ा तो पता है.

Reactions 0
Comments 0
706
rashi sharma
rashi sharma 31 Jul, 2022 | 0 mins read

"दहलीज़ को इंतज़ार"

खामोश चीज़े भी बात करती है, हमसे पूछों कितने सवालात करती है, ऊबने नहीं देती किसी को कभी, ना जाने कैसी - कैसी बात करती है.

Reactions 0
Comments 0
743
rashi sharma
rashi sharma 30 Jul, 2022 | 1 min read

गुज़रते दिन...............

सुबह होती है, शाम होती है, ज़िन्दगी यूँ ही तमाम होती है.

Reactions 0
Comments 0
822
rashi sharma
rashi sharma 28 Jul, 2022 | 0 mins read

ढ़लता सूरज.................

छुप गया वो भी हमसे परेशान हो कर, मद्धम पड़ गई उसकी रोशनी हमसे मिलकर, ना जाने क्यों सारी कायनात हमसे खफा हो गई, दुआ भी लगती है हमसे नाराज़ हो गई.

Reactions 0
Comments 0
721
rashi sharma
rashi sharma 27 Jul, 2022 | 0 mins read

जीने दो..................

हमने कब कहा कि हमें कोई चाहिए, किसी की नसीहत या फिर किसी की मदद चाहिए, रहने भी दो दिखावे कि ज़रूरत ही क्या है.

Reactions 0
Comments 0
727