rashi sharma
rashi sharma 14 Nov, 2022 | 0 mins read

हर रात..................

जीवंत रात्रि की कहानी

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rashi sharma
rashi sharma 11 Nov, 2022 | 0 mins read

किरण...............

उसे पता है उसके महत्व का, तभी तो भाव खाता है, इंतज़ार करवाता दिनों दिन, फिर कहीं जा के अपनी झलक दिखाता है.

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rashi sharma
rashi sharma 09 Nov, 2022 | 0 mins read

तू भी कभी जिन्दगी..................

मुझे चलाती है पर मुझे नहीं जानती, तेरे कितने चेहरे है, तू तो ऐ भी नहीं जानती.

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rashi sharma
rashi sharma 02 Nov, 2022 | 0 mins read

चाँद छुपा..................

खुद की करने वाला, सबकी सुनने वाला, मनमौजी हूँ, मतलबी नहीं, हर वक्त कुछ ना कुछ सिखाने वाला.

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rashi sharma
rashi sharma 01 Nov, 2022 | 1 min read

संतुलन..................

ऐ वो चीज़ नहीं जो हाथों में होती है, ऐ तो वो चीज़ है जो हर दफा, सोच से बाहर होती है.

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rashi sharma
rashi sharma 31 Oct, 2022 | 0 mins read

सवालों का सिलसिला.................

सवालों का घेराव बड़ा ज़टिल है, बुनता रहता है नए जाल, ज़िन्दगी को फंसाने के लिए.

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