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rashi sharma
rashi sharma 29 Jul, 2022 | 1 min read

"किसानों का दर्द "

जो खुद मेहनत करता है, लाखों का पेट भरता है, लगन देखों उसकी, ना थकता है और ना ही शिकायत करता है, सब्र कर हर सफर पार करता है.

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Divya Gosain
Divya Gosain 28 Jul, 2022 | 1 min read

बचपन की यादें

बचपन की यादें

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Shivani (Paakhi)
Shivani (Paakhi) 28 Jul, 2022 | 1 min read

स्त्री क्या चाहती है?

अगर कोई स्त्री तुम्हें अपने दुख में साँझा करती है तो वो तुमसे उन दुखों के हलों की इच्छा नहीं रखती…वो न तो ये चाहती है कि तुम उसके खिलाफ़ हुए अन्यायों के लिए गुस्से में युद्ध करने निकल जाओ और न वो ये चाहती है की तुम उसे हाथ पकड़ कर ले जाओ सफ़ेद घोड़े पर…आज की स्त्री तुमसे ऐसी कोई चाहत नहीं रखती…वो आज ना सही कल अपने दुखों से झूँझ लेगी… स्त्री तो केवल एक कंधा चाहती है जहाँ वो सर रखले जब उससे खुद की परेशानियों का बोझ न उठे…वो चाहती है ऐसा साथी जो ज्यादा कुछ न कर सके तो बस उसे जी भरके रोने की इजाज़त देदे…देदे प्यार की थपकी सर पे…सुनले सारे उमड़ते भाव…और आखिर में थोड़ी सी हिम्मत देदे माथे पर चुम्बन के रूप में… क्यूँकि स्त्रियों के आँसू सलह से ज्यादा प्रेम चाहते है…वो प्रेम जो उन्हें अपने घर, अपने लोगों और खुद से खुद को कभी नहीं मिला… स्त्रियां सच मुच केवल प्रेम की दो बातें चाहती है जो बन जाएँ मरहम उन सारे घाव की जो उन्हें मिले उनके अपनों से… स्त्रियां केवल ठीक से सुन ली जाएँ तो वह तुमसे कभी कुछ नहीं चाहेंगी… Paakhi

##women ##aurat ##paperwiff

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Shweta Gupta
Shweta Gupta 28 Jul, 2022 | 1 min read

बचपन की यादें

Self composed poetry

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Divya Gosain
Divya Gosain 28 Jul, 2022 | 1 min read

Self Adoption

Self Adoption

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Ritika Bawa Chopra
Ritika Bawa Chopra 28 Jul, 2022 | 1 min read

एक अनोखी प्रेम कहानी

A love story

#poetry

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Bhavna Thaker
Bhavna Thaker 28 Jul, 2022 | 1 min read

प्रकृति बनाम इंसान

प्रकृति बनाम इंसान

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rashi sharma
rashi sharma 28 Jul, 2022 | 0 mins read

ढ़लता सूरज.................

छुप गया वो भी हमसे परेशान हो कर, मद्धम पड़ गई उसकी रोशनी हमसे मिलकर, ना जाने क्यों सारी कायनात हमसे खफा हो गई, दुआ भी लगती है हमसे नाराज़ हो गई.

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rashi sharma
rashi sharma 27 Jul, 2022 | 0 mins read

जीने दो..................

हमने कब कहा कि हमें कोई चाहिए, किसी की नसीहत या फिर किसी की मदद चाहिए, रहने भी दो दिखावे कि ज़रूरत ही क्या है.

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Ruchika Rai
Ruchika Rai 27 Jul, 2022 | 0 mins read

दोस्ती

तेरी मेरी यारी

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rashi sharma
rashi sharma 26 Jul, 2022 | 1 min read

पहली मुलाकात .....................

उससे मेरी और मेरी उससे पहली मुलाकात. वो एक शहर है जो ना जाने कितनों का है, मैं एक नया मुसाफिर हूँ उसका जो शायद अब मेरा भी घर है, वो रखेगा तो रह लेंगे नहीं तो कुछ यादें जोड़ वहाँ से भी चल देंगे.

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Ruchika Rai
Ruchika Rai 26 Jul, 2022 | 1 min read

रात

रात

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