क्यों

Life is precious.

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Deepika Jain
Deepika Jain 11 Sep, 2026 | 1 min read
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क्यों 


 जिन्दगी की तूफानी लहरों का

क्यों नहीं डटकर किया सामना

बह गए क्यों लहरों संग तुम

क्यों कर ली तुमने आत्म हत्या


मात-पिता का ख्याल न आया

हो गई जिनकी क्षीण अब काया

कैसे पिता देंगे तन को कांधा

क्यों कर ली तुमने आत्म हत्या


 सुख जब साथी संग मिलकर बाँटे

दुःख को भी मिलकर गले लगाते

देकर अंतहीन जिम्मेदारियाँ

क्यों कर ली तुमने आत्म हत्या


 गम से बच्चों को कोसों दूर रखा

छोड़ दिया अब तपने को उनको

जिन्दगी की चिलचिलाती धूप में

क्यों कर ली तुमने आत्म हत्या


फूलों की बगिया तुम्हारी

मुरझा गई एक पल में सारी

बिन सींचे ही चले गए 

क्यों कर ली तुमने आत्म हत्या

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