rashi sharma
rashi sharma 17 Aug, 2022 | 1 min read

समय का कर्म............

संवारने को आऊँ तो ज़मीन के तिनके को भी आसमान पर टांग दूँ, मैं समय सबका नसीब संवार दूँ, ना हुक्म सुनता हूँ ना अर्ज़ी, मन का मालिक हूँ मैं एक जगह टिकता भी नहीं मैं.

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rashi sharma
rashi sharma 12 Aug, 2022 | 1 min read

ऐ कहाँ आ गए हम..............

सब जानते है फिर भी सवाल करते है, क्यों है यहाँ ऐ भी पूछते है, पहचानी जगह भी अब, पहचान मे नहीं आती, क्यों इस कदर अनजान हो गए हम.

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rashi sharma
rashi sharma 11 Aug, 2022 | 1 min read

"धागे की कहानी उसकी ज़ुबानी"

मेरी खूबसूरती इसी में है कि हर कलाई में सजूं मैं, चोहे किसी भी रंग में या रूप में, सबमें ज़िन्दा रहूं मैं.

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rashi sharma
rashi sharma 10 Aug, 2022 | 1 min read

"ज़िन्दगी"

हौंसला भी तू, कमज़ोरी भी तू, तुझे जीना चाहते है, तुझे जानना चाहते है, तेरी कसम तुझे बेहद चाहते है.

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rashi sharma
rashi sharma 08 Aug, 2022 | 1 min read

ग़मगीन है.................

खत्म नहीं होता ग़म, बस गुज़र जाता है, अगले ही पल में वापस आ जाता है, माना कि तेरे ना होने से खुशी का एहसास कैसे होगा, पर तू भी सोच तेरे साथ लम्बें अर्से तक जीना कितना मुश्किल होगा.

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rashi sharma
rashi sharma 07 Aug, 2022 | 1 min read

बचा लो मुझे...............

पुकारती है, कराहती है, ये आवाज़ भी लगाती है, सुनों इसे ध्यान से ये अपनी कहानी सुनाती है, परेशान इंसान ही नहीं ये भी है, सिमट रहा है इसका अस्तित्व क्या इस पर हमने ध्यान दिया कभी.

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rashi sharma
rashi sharma 06 Aug, 2022 | 1 min read

"मोह - माया"

अपना सपना मनी - मनी, मोह - माया में ज़िन्दगी घिरी.

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rashi sharma
rashi sharma 05 Aug, 2022 | 1 min read

लहरे..............

मौज - मस्ती भी इसकी पहचान है, शांत रहना भी इसका काम है, मूड़ तो ऐसे बदलती है, जैसे इनमें भी जज़्बात है.

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rashi sharma
rashi sharma 04 Aug, 2022 | 1 min read

वो एक दिन..............

वो एक दिन उम्मीद का, वो एक दिन इंतज़ार का, वो एक दिन सपनों के पूरे हो जाने का, वो एक दिन मेरे खुद में ही मिल जाने का.

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rashi sharma 02 Aug, 2022 | 1 min read

मैं और वो............

काश झगड़ा भी बच्चों वाला होता, एक मुस्कान या टाॅफी पर सुलझ गया होता.

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