Varsha Sharma
09 Sep, 2020 | 1 min read
Jaya Ashish Choubey
09 Sep, 2020 | 1 min read
भारत की दुनिया में पहचान बने
मेरा देश सदा ही विश्वगुरु कहलाता था , अब हम सबको इसे पुनः विश्व गुरु बनाने का प्रयास करना होगा ताकि फिर भारत पूरे विश्व में अपनी पहचान बना कर फिर विश्व गुरु कहलाए, पर कैसे? इसी प्रश्न को इस कविता के माध्यम से सभी को बताना चाहती हूँ।
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Preeti Gupta
09 Sep, 2020 | 1 min read
मानवता
मानवता गुण होना इंसान को सर्वोपरि बनाता है जो भी इसे अभिभूत करता है वह सूखता अनुभूति महसूस करता है ।
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Shubhangani Sharma
09 Sep, 2020 | 1 min read
निबोरी की खुशबू
बचपन की हर वस्तु हमारे दिल के करीब होती है। चाहे वो खुशबू ही क्यों ना हो।
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Poonam chourey upadhyay
09 Sep, 2020 | 0 mins read
"सावन और माँ के हाथ की चाय"
सावन आते ही माँ के हाथ की चाय और समोसे याद आ जाते हैं।
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Tulika Das
09 Sep, 2020 | 1 min read
एक-दूसरे में हम शामिल भी तो है ।
यादों में तुम्हारा आना-जाना जारी भी तो है छूकर गुजरती है जो हवाएं हमें , सांसे उनमें हमारी शामिल भी तो है ।
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