Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 15 Dec, 2022 | 1 min read

क़िरदार

अपनी ज़िंदगी को ज़ाया मत कीजिए । मानव होने का क़िरदार ईमानदारी से निभाइए और मानवता को सरोकार कीजिए ।

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Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 20 Nov, 2022 | 1 min read

कलयुगी इंसान

इंसानियत कम होती जा रही है । हमें वही मानव बने रहना है जो भगवान ने बनाया है, कलयुग में हमें कलयुगी इंसान नहीं बनना है ।

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Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 13 Nov, 2022 | 0 mins read

ए ज़िंदगी

अजीब खेल हैं ज़िंदगी के । किसी को खेलना सिखा जाती है, तो किसी को निराश कर जाती है ।

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Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 21 Oct, 2022 | 0 mins read

बेवाक़ परिंदा

परिंदे को उड़ने दीजिए , यही उसका जीवन है । कोशिश कीजिए कि कहीं किसी बेवाक़ परिंदे को कैद ना किया जाए ।

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Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 13 Jul, 2022 | 1 min read

पक्षी और इंसान

मनुष्य और मनुष्य का मन लगभग पक्षियों की तरह है,दोनों में काफी समानताएं हैं, पक्षी की तरह मनुष्य का मन भी चंचल है, फिर सोचना यह है कि आखिर क्या अंतर है पक्षियों और इंसानों?

##Sunrise

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Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 13 Jul, 2022 | 0 mins read

अक्श

परिवर्तन जीवन का नियम है । जहाँ भी सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता हो उसे स्वीकार कीजिए और दूसरों को प्रेरित कीजिए

##Sunrise

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