Sampurna Sharma
01 Oct, 2020 | 1 min read
चुप रहना मेरी कमजोरी नहीं।।
क्या मैं हूं?? या हूं ही नहीं!! क्या मैं जिन्दा हूं?? या मरी ही नहीं!! क्या मैं एक सवाल हूं?? जीसका जवाब है कहीं खो गया!! या मैं एक रूह हूं?? जीसके अस्तित्व की किसी को परवाह नहीं!! क्या मैं हूं!! या फिर हो के भी नहीं हूं!! पर ऐ समाज!! मैं हूं!! मैं यही हूं!! यही हूं!! यही हूं!!
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Ektakocharrelan
29 Sep, 2020 | 1 min read
Sonia Madaan
29 Sep, 2020 | 1 min read
Waiting for the day. (Poetry)
Waiting for the day when woman is free from all restrictions.
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Poonam chourey upadhyay
29 Sep, 2020 | 1 min read
बेरंगी दुनिया से रंगीन सफर
बेरंगी दुनिया का मज़ा ही अलग था,आज की दुनिया रंगीन होकर भी बेरंगी सी है।
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Saket Ranjan Shukla
29 Sep, 2020 | 1 min read
हुआ क्या है मुझे
किसी को पता है बताए कि हुए क्या है मुझे आज
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Charu Chauhan
29 Sep, 2020 | 0 mins read
"हाँ, ये बात और है"
प्रेम में जो हिचकिचाहट होती है उसी को दर्शाती है मेरी यह छोटी सी कविता।
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Durgesh Nandani Agnihotri
28 Sep, 2020 | 1 min read
आत्मनिर्भर भारत (एक कदम सफलता की ओर)
हमे स्वयं को और अपने देश को आत्मनिर्भर बनाये। भारत की अलग पहचान बनाये।
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Tulika Das
28 Sep, 2020 | 1 min read
जाने क्या सच है।
कोई नाम ले मेरा नाम तेरा सुनाई दे कोई पुकारे मुझे आवाज तेरी सुनाई दे
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