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Babita Kushwaha
Babita Kushwaha 15 Jun, 2020 | 1 min read

आत्महत्या आखिर क्यों???

आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नही।

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Resmi Sharma (Nikki )
Resmi Sharma (Nikki ) 15 Jun, 2020 | 0 mins read

पिता

पिता जिंदगी की वो छांव है जिसके नीचे हम सुकून और शांति का अनुभव करते हैं

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udit jain
udit jain 15 Jun, 2020 | 1 min read

शीर्षक: आत्म हत्या

जीवन बहुत अनमोल है ऐसे हार नही मानते

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Manu jain
Manu jain 15 Jun, 2020 | 1 min read

ज़िन्दगी

जिन्दगी को समझो , समझाओं परन्तु जिन्दगी को ऐसे ही मत गवाओ जिन्दगी बहुत छोटी है और अनमोल है

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Saket Ranjan Shukla
Saket Ranjan Shukla 15 Jun, 2020 | 1 min read

जान बन गए तुम

मेरी जान बन गए तुम

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Chuffy
Chuffy 14 Jun, 2020 | 1 min read

Success Mantra - 1

What successful people do, which most of them don’t?

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Aman G Mishra
Aman G Mishra 14 Jun, 2020 | 1 min read

तुम ज़िंदा हो तो सबूत रखो

तुम ज़िंदा हो, तो सबूत रखो, यहां कुछ मुर्दे टहलते रहते हैं। बातों में आग से खेलते हैं जो, धूप लगते ही पिघलते रहते हैं। इनकी बातों में मैं नही आता, ऐसे लोग तो, मिलते रहते हैं। तुम सच्चाई को हिम्मत से कहो, कुछ लोग ज़ुबान सिलते रहते हैं। तुम अपनी क़द्र करना सीखो, लोग फ़न को कुचलते रहते हैं। तुम चराग़ जलाये रखा करो, रास्ते में सांप निकलते रहते हैं। अपनी बातों में वज़न रखो अमन, यहां सब फालतू ही बोलते रहते हैं। aman g mishra

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Aman G Mishra
Aman G Mishra 14 Jun, 2020 | 1 min read

चौकीदारी

मंत्री सारे चौकीदारी पे उतरे, अब कोई चौकीदार मंत्री बने,तो बात बने। पानी सर से ऊपर है,पांव अभी भीगे नही, पानी जब कुछ नीचे उतरे , तो बात बने। यहाँ का शाह फ़कीर बने फिरता है, कोई फ़कीर अब सिकंदर बने , तो बात बने। रोटी कपड़ा औ' मकान, नही है इतना आसान, कोई एक गिलास पानी तक पूंछे,तो बात बने। किरदार, मुखौटे, असलियत ,कोई मेल नही, कोई इंसान ग़र इंसान बने, तो बात बने। एक तारा है ,जो टिमटिमाता रहता है, उससे कहो वो चाँद बने, तो कोई बात बने। बात बात पर रोने से काम नही चलता है, किसी ग़रीब का कोई काम करे , तो बात बने। -Aman G Mishra

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Aman G Mishra
Aman G Mishra 14 Jun, 2020 | 1 min read

भारत विडम्बना

तुम दृढ नही ,तो कुछ नही, तुम आज हो,पर कल नही! अपने विचारों की सदृढता, खो गयी या थी नही !! सिंधु की लहरों में अब , सिंह सी गर्जना नही ! बात कह के जो अटल हो, क्या वो अब भारत नही!! बाण शैया पर था लेटा, शब्द सार्थकता सही! अपने ही वचनों पर अमर हो, क्या वो गंगा-सुत तुम नही!! दुनिया को सिखलाया इसी ने, ज्ञान-दीपक था यही ! क्षुद्र-पाखण्डी प्रभावित, क्या ये भारत था वही!! गंगा की लहरें भी न बदली, अब भी हिमालय खड़ा वहीं! तब क्यों कहता है ये भारत, अब स्वर्ण की चिड़िया नही!! क्या अब इस माटी में , वो वीर पैदा होते नही! कि भारत माँ की छाती में, अमृत सा अब पय नही!! फिर क्यों उसकी संतानों में , वो तेज दिखता ही नही! जो बता दे विश्व को, अब भी ये भारत है वही!! अब भी ये भारत है वही!! भारत माता की जय!! जय हिंद!! ©aman_g_mishra

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Dr Jyoti agrawal
Dr Jyoti agrawal 14 Jun, 2020 | 1 min read

कैसे भुला दूं?

आसान नहीं है यादों को भुलाना और तुम कहते हो भूल जाओ

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Varsha Sharma
Varsha Sharma 14 Jun, 2020 | 1 min read

मायके की यादें

Mayke Ki Yaadon Mein dubi Hui कथा

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Varsha Sharma
Varsha Sharma 14 Jun, 2020 | 1 min read

अपनी बहू आई तो खुद बदल गए

दूसरों की बहू के लिए अलग मानसिकता वाले लोगों की कहानी

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