ARCHANA ANAND
ARCHANA ANAND 01 Sep, 2020 | 1 min read

कोरे पन्ने

मन का भीगना दरअसल उतना ही ज़रूरी है जितना मन के एक हिस्से का कोरा रह जाना !

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Pragati tripathi
Pragati tripathi 01 Sep, 2020 | 1 min read

मैं अक्सर चुप रहती हूं

औरतों की स्थति को उजागर करती एक कविता।

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Sonnu Lamba
Sonnu Lamba 01 Sep, 2020 | 1 min read

गृहणी..

गृहणी बिन घर सूना..

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Tulika Das
Tulika Das 01 Sep, 2020 | 1 min read

हां, मैं दर्द बेचती हूं ,। हां मैं दर्द खरीदती हूं

हां मैं दर्द बेचती हूं हां मैं दर्द खरीदती हूं मैं दर्द का सौदा करती हूं

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Poonam chourey upadhyay
Poonam chourey upadhyay 01 Sep, 2020 | 1 min read

"मेरे जीवन की पहली शिक्षिका, मेरी माँ"

माँ से अच्छी शिक्षिका कोई और नहीं हो सकती।मैं जब एक बेटी की माँ बनी तब मैंने ये कविता को कल्पना करके लिखा हैं।

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Pinky Patel
Pinky Patel 01 Sep, 2020 | 1 min read

कोरोना को डर।

कोरोना को डर।

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