Vineeta Dhiman
02 Sep, 2020 | 1 min read
कुमार आशू
02 Sep, 2020 | 1 min read
Radha Gupta Patwari 'Vrindavani'
02 Sep, 2020 | 1 min read
ARCHANA ANAND
01 Sep, 2020 | 1 min read
कोरे पन्ने
मन का भीगना दरअसल उतना ही ज़रूरी है जितना मन के एक हिस्से का कोरा रह जाना !
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Pragati tripathi
01 Sep, 2020 | 1 min read
मैं अक्सर चुप रहती हूं
औरतों की स्थति को उजागर करती एक कविता।
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Tulika Das
01 Sep, 2020 | 1 min read
हां, मैं दर्द बेचती हूं ,। हां मैं दर्द खरीदती हूं
हां मैं दर्द बेचती हूं हां मैं दर्द खरीदती हूं मैं दर्द का सौदा करती हूं
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Poonam chourey upadhyay
01 Sep, 2020 | 1 min read
"मेरे जीवन की पहली शिक्षिका, मेरी माँ"
माँ से अच्छी शिक्षिका कोई और नहीं हो सकती।मैं जब एक बेटी की माँ बनी तब मैंने ये कविता को कल्पना करके लिखा हैं।
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