Snehlata Dwivedi
14 Apr, 2021 | 1 min read
ब्रह्मचारिणी माँ
माँ ब्रह्मचारिणी का स्वरूप भगवती दुर्गा का दूसरा तपस्विनी का स्वरूप है। कहते हैं कि माँ ब्रह्मचारिणी नें हजारों वर्ष कठोर तप किया और सैकड़ो वर्ष व्रत कर भगवान शिव को प्राप्त किया। पर्वत राज हिमालय की पुत्री नें अपने तप जप से ब्रह्मचारिणी के नाम को सार्थक किया। वो प्रेम के संकल्प शक्ति की अद्वितीय उदाहरण है।
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Saket Ranjan Shukla
14 Apr, 2021 | 1 min read
हमारी गली में उनका आना
हमारी गली में वो आए और वो भी बेवजह...कोई तो बात है
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Snehlata Dwivedi
12 Apr, 2021 | 1 min read
मेरी अभिलाषा
अभिलाषा मानव जीवन को सार्थक और गतिमान बनाती है। वैसी ही मेरी अभिलाषा के बारे में प्रस्तुत है मेरी रचना!
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Saket Ranjan Shukla
12 Apr, 2021 | 1 min read
बदल ही गए तुम
हवाओं ने समझाया था मेरे दिल को मगर मैं ही अनजान बना बैठा रहा..!
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Varsha Sharma
12 Apr, 2021 | 0 mins read
तुम आए तो जिंदगी
कोराना ने सभी को परेशान कर दिया है साल भर होने के बाद भी यह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा
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