rashi sharma
rashi sharma 15 Dec, 2022 | 1 min read

सब कुछ अलग था.................

सब कुछ अलग था.

Reactions 0
Comments 0
25
rashi sharma
rashi sharma 14 Dec, 2022 | 0 mins read

गलतफहमियां...................

नशा सिर्फ पीने में नहीं, जीने में भी है, चलो सच ना मानों, गलतफहमी का मज़ा शक में ही है.

Reactions 0
Comments 0
27
rashi sharma
rashi sharma 13 Dec, 2022 | 1 min read
Reactions 0
Comments 0
29
rashi sharma
rashi sharma 10 Dec, 2022 | 0 mins read

अहंकार ही खता...................

अहंकार, गुरूर, घंमण्ड़ बहुत खराब है, इंसान समझता है ऐ ही उसके हथियार है, तबाह कर देते है ऐ जीते जी, मरने के बाद भी सज़ा सुनाते है.

Reactions 0
Comments 0
27
rashi sharma
rashi sharma 09 Dec, 2022 | 0 mins read

तेरी आरज़ू..........................

तेरी आरज़ू.................

Reactions 0
Comments 0
29
rashi sharma
rashi sharma 30 Nov, 2022 | 1 min read

शायरों की बस्ती....................

वो गली हमारी है, जहां हम और हमारी कलम रोज़ाना कुछ नया लिखते है, कुछ सुना देते है लोगों को, कुछ को ज़हन में ही दफन कर देते है.

Reactions 0
Comments 0
31