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udit jain
udit jain 15 Jul, 2020 | 1 min read

अंधविश्वास कीचड़ जैसा दलदल

हमारे देश की यह बीमारी बहुत बड़ी है जो लोगो के अंधविश्वास को बढ़ावा देती है और उन्हे नरक के रास्ते मे धकेल देती है

#notblind #blindfaith #selfstrong

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Kusum Pareek
Kusum Pareek 15 Jul, 2020 | 1 min read

'और बांध टूट गया"

बारिश की यादों में नायिका इतनी उलझी हुई है कि अपने बेटे बहु की इच्छाओं की तरफ ध्यान भी नही गया ,लेकिन अचानक अहसास हुआ और फिर क्या होता है पढ़िए यह कहानी

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Neha Srivastava
Neha Srivastava 15 Jul, 2020 | 0 mins read

लफ्जो का फसाना

जिंदगी बस एक बार मिलती है उसे हंसकर, खुलकर शान से जिया जाये????

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udit jain
udit jain 15 Jul, 2020 | 1 min read

जब जब है बरसात है आती

बरसात जब जब भी होती है मेरे मन को आनंदित कर जाती है।।

#mansoon #nature #rain

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Neha Srivastava
Neha Srivastava 15 Jul, 2020 | 0 mins read

मेरी बगिया...

इस भाग-दौड़ भरी जीवन में कुछ पल निकालकर पेड़ पौधों के साथ बिताये,, आपको बहुत अच्छा लगेगा ....ऐसा ही मैंने यहां अनुभव साझा किया है...

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Varsha Abhishek jain 15 Jul, 2020 | 1 min read

प्यार वाली बारिश

My monsun emotions

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Sumita Sharma
Sumita Sharma 15 Jul, 2020 | 1 min read

खिलौने जो ज़िंदा थे

वर्मा दम्पत्ति बेजान लैपटॉप के आगे घँटों से बैठे थे और कभी नेटवर्क का मामला तो कभी नींद का जोर पर आस थी कि शायद बच्चे ऑनलाइन आ जायें, पर सब व्यर्थ रहा। बरसों से रोज़ यही क्रम बना था,निशा को अक्सर मोहन यही समझाते कि हमारे खिलौने यही दोंनो हैं क्योंकि अपना बचपन तो कागज़ की नाव ,पतंग और कपड़े की गुड़ियों से ही निकल गया। अक्सर दोनों बाजार जाते तो त्योहारों पर  न जाने कितने खिलौने उठा लाते । इस आस में कि शायद  किसी रोज़ उन्हें खेलने वाले आयेंगे ,कभी आते तो उन्हें उन सबमें कोई दिलचस्पी भी न महसूस होती। धीरे धीरे व्यस्तता का अजगर वो पल भी निगल गया बची तो जीवन मे बस एक निस्तब्धता। अब तो त्यौहार भी बस उदासी में निकलने लगे  एक दिन मायूस पत्नी को समझाते हुए मोहन ने कहा ,"निशा क्यों न हम उन्ही खिलौने को बनाये जो हम बचपन मे खेलते थे। एक दो कागज़ की नाव और कपड़े की गुड़िया सुबह की सैर पर किसी कूड़े के ढेर में आजीविका खोज़ते बच्चों में बचपन की चिंगारी चमका देते। अब दोनों का ग़म कुछ छँटने लगा था,त्यौहार पर इस बार बच्चे आये तो दोनों वृद्ध खुश हुए । उन्हें वहीँ बसने के लिए पैसों का बंदोबस्त भी चाहिये था पिता से, उनकी मशीनी ज़िन्दगी और आधुनिक सोच ने ये भरम भी तोड़ दिया कि ,वो उनके बच्चे हैं। जैसे आये थे दोनों बेटे,वैसे ही एक हफ़्ते बाद चले भी गए । पर अब निशा और मोहन को उनके ऑनलाइन आने का इंतजार  न था। थके मन और परेशान दिमाग़ लिए दोनों ने सोना पसन्द किया,अगले दिन सारे खिलौने बटोर कर ले गए अनाथ आश्रम ।उनके इस कदम ने न जाने कितने जीवित खिलौनों में रौनक भर दी थी। बेजान खिलौनों (लैपटॉप और फ़ोन)पर निर्भरता अब कम हो चुकी थी।रोज दोनों वहीं आते और थक कर चैन की नींद सोते। एक दिन पुराना एलबम अलमारी में निकला तो निशा ने यह कहकर उसे ट्रंक में डाल दिया,"कि ये खिलौने कभी ज़िंदा थे ,चलिए अभी अनाथ आश्रम ही चलते हैं। अब खिलौने और खेलने वालों के किरदार बदल चुके थे।

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Sonnu Lamba
Sonnu Lamba 15 Jul, 2020 | 1 min read

वो भयानक रात...

रात, अकेलापन, बारिश... और......... सचमुच एक भयानक रात...!

#Life #Rain #Scary #Mansoon #Rainy #Night #Emotion #Helplessness

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Satyam pandey
Satyam pandey 15 Jul, 2020 | 0 mins read

Title

राजस्थान में उत्पन्न सियासी संकट का जिम्मेदार कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व और कांग्रेस की नीतियां हैं । सचिन पायलट जो जनाधार वाले कद्दावर युवा नेता हैं और उन्होंने कई वर्षों से कांग्रेस पार्टी को संगठित करने में, संगठन को मजबूत बनाने के लिए समर्पण के साथ काम किया और चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करके जीत दिलाई। राजस्थान में कांग्रेस की जीत के पूरे शिल्पकार सचिन पायलट हैं।लेकिन वही कांग्रेस आज सचिन पायलट को दोषी ठहरा रही है, पद से हटा रही है। सचिन पायलट के कारण ही राजस्थान में कांग्रेस की जीत हुई और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए था लेकिन कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व ऐसा नहीं कर पाया। वर्तमान समय में कांग्रेस अटक और भटक गई है और वह बुजुर्ग बनाम युवा नेताओं की लड़ाई से जूझ रही है। वास्तव में कांग्रेस के पतन का कारण गलत राहों में जाता कांग्रेस का कमजोर केंद्रीय नेतृत्व है और कांग्रेस में उत्पन्न अत्यधिक गुटबाजी भी कांग्रेस के पतन का कारण सिद्ध होगी। वह पार्टी जीवंत और मजबूत बनी रहती है जो प्रतिभाओं को और युवाओं को महत्व देती है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस ने सिर्फ चाटुकारों को महत्त्व दिया है। कांग्रेस में आज ना कुशल नेतृत्व बचा है और ना ही प्रतिभाओं का सम्मान। सचिन पायलट , ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेता जो भविष्य की कांग्रेस कहे जाते थे। उनका पार्टी छोड़ना कांग्रेस की असहनीय क्षति है और एक ऐसी रिक्तता है जिसे लंबे समय तक भरा नहीं जा सकता है। कांग्रेस अपने अंतर्विरोधों के कारण अंत की ओर है। यदि कांग्रेस युवा नेताओं की फौज तैयार नहीं करेगी तो वह पार्टी कैसे आगे बढ़ेगी ? कांग्रेस मध्य प्रदेश की गलतियों को राजस्थान में दोहरा रही है। और वह एक ऐसी पार्टी बनती जा रही है जो गलतियों से सबक नहीं ले पा रही है। यदि कांग्रेस को जीवित रहना है, मजबूत होना है तो मेरी यही सलाह है कि वह चिंतन, मंथन और परिवर्तन को प्राथमिकता दे। युवाओं को महत्व दे, प्रतिभाओं को महत्व दे। क्योंकि प्रतिभावान युवा नेतृत्व और नेता ही कांग्रेस की एकमात्र संजीवनी बूटी हैं ।

#rajasthan

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Neha Srivastava
Neha Srivastava 15 Jul, 2020 | 0 mins read

इनायत का नायाब तोहफा

#love#family#girl##mother#beauty#

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Satyam pandey
Satyam pandey 15 Jul, 2020 | 0 mins read

Title

राजस्थान में उत्पन्न सियासी संकट का जिम्मेदार कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व और कांग्रेस की नीतियां हैं । सचिन पायलट जो जनाधार वाले कद्दावर युवा नेता हैं और उन्होंने कई वर्षों से कांग्रेस पार्टी को संगठित करने में, संगठन को मजबूत बनाने के लिए समर्पण के साथ काम किया और चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करके जीत दिलाई। राजस्थान में कांग्रेस की जीत के पूरे शिल्पकार सचिन पायलट हैं।लेकिन वही कांग्रेस आज सचिन पायलट को दोषी ठहरा रही है, पद से हटा रही है। सचिन पायलट के कारण ही राजस्थान में कांग्रेस की जीत हुई और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए था लेकिन कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व ऐसा नहीं कर पाया। वर्तमान समय में कांग्रेस अटक और भटक गई है और वह बुजुर्ग बनाम युवा नेताओं की लड़ाई से जूझ रही है। वास्तव में कांग्रेस के पतन का कारण गलत राहों में जाता कांग्रेस का कमजोर केंद्रीय नेतृत्व है और कांग्रेस में उत्पन्न अत्यधिक गुटबाजी भी कांग्रेस के पतन का कारण सिद्ध होगी। वह पार्टी जीवंत और मजबूत बनी रहती है जो प्रतिभाओं को और युवाओं को महत्व देती है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस ने सिर्फ चाटुकारों को महत्त्व दिया है। कांग्रेस में आज ना कुशल नेतृत्व बचा है और ना ही प्रतिभाओं का सम्मान। सचिन पायलट , ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेता जो भविष्य की कांग्रेस कहे जाते थे। उनका पार्टी छोड़ना कांग्रेस की असहनीय क्षति है और एक ऐसी रिक्तता है जिसे लंबे समय तक भरा नहीं जा सकता है। कांग्रेस अपने अंतर्विरोधों के कारण अंत की ओर है। यदि कांग्रेस युवा नेताओं की फौज तैयार नहीं करेगी तो वह पार्टी कैसे आगे बढ़ेगी ? कांग्रेस मध्य प्रदेश की गलतियों को राजस्थान में दोहरा रही है। और वह एक ऐसी पार्टी बनती जा रही है जो गलतियों से सबक नहीं ले पा रही है। यदि कांग्रेस को जीवित रहना है, मजबूत होना है तो मेरी यही सलाह है कि वह चिंतन, मंथन और परिवर्तन को प्राथमिकता दे। युवाओं को महत्व दे, प्रतिभाओं को महत्व दे। क्योंकि प्रतिभावान युवा नेतृत्व और नेता ही कांग्रेस की एकमात्र संजीवनी बूटी हैं ।

#rajasthan #Rajasthan politics

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Radha Gupta Patwari 'Vrindavani'
Radha Gupta Patwari 'Vrindavani' 15 Jul, 2020 | 1 min read

प्रीत की भाषा और मानसून

बारिश और कामवाली की हृदयस्पर्शी कहानी

##mansoon ##heart_touching ##rainy_season ##maid ##my_mansoon_emtions

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