चाँद छुपा..................
खुद की करने वाला, सबकी सुनने वाला, मनमौजी हूँ, मतलबी नहीं, हर वक्त कुछ ना कुछ सिखाने वाला.
किस्सा एक अनकहा अनसुना 3 (अनंत से अनंत में....)
...भ्रम! हाँ यही तो वो लगता है सबको। पर सच क्या है ये सिर्फ़ मुझे पता है। मुझे पता है कि उसका इस दुनिया में होना उतना ही सच है जितना ये सच है कि रोज़ सूरज रोज़ निकलता और डूबता है...पर उसका सूरज सदियों से अपने शिखर पर है, कभी डूबा ही नहीं।
किस्सा एक अनकहा अनसुना 2
आजकल सारी ल़डकियों को बैडबाॅयज़ ही अच्छे लगते हैं। पर क्या हो अगर किसी को दि अल्टीमेट बैडबाॅय मिल जाये तो?!
किस्सा एक अनकहा अनसुना 1
...भ्रम!हाँ यही तो वो लगता है सबको। पर सच क्या है ये सिर्फ़ मुझे पता है। मुझे पता है कि उसका इस दुनिया में होना उतना ही सच है जितना ये सच है कि रोज़ सूरज का निकलना और डूबना...पर उसका सूरज सदियों से अपने शिखर पर है, कभी डूबा ही नहीं।
किस्सा एक अनकहा अनसुना (लूसिफ़र-एक प्रेम कहानी) (प्रस्तावना-1)
...भ्रम!हाँ यही तो वो लगता है सबको। पर सच क्या है ये सिर्फ़ मुझे पता है। मुझे पता है कि उसका इस दुनिया में होना उतना ही सच है जितना ये सच है कि रोज़ सूरज का निकलना और डूबना...पर उसका सूरज सदियों से अपने शिखर पर है, कभी डूबा ही नहीं।
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