मां तू दुर्गा बन जा

मां अब तू ही बचा ईन राक्षसों से

Sushma Tiwari
10 Oct, 2019 • 1 min read • hi
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मां तू दुर्गा बन जा

माँ! आज हृदय ये क्रंदन करता है

तू ममता की मुरत क्यूँ है?

मुझे पुत्री जन्म देकर

क्यूँ लक्ष्मी बना कर भेजा 

अब तू ही बन रक्षक आकर बचा 

माँ! तू बस दुर्गा बन जा


माँ! हृदय ये रुदन करता है

कब तक अत्याचार सहेंगें

कौन क्या कहता है ये सोच

अरे कुछ तो सब कहेंगे 

चूड़ियों के चोट में कौन सा मज़ा

माँ! तू दुर्गा बन जा


माँ! हृदय ये स्पन्दन करता है

चंड मुंड कई घूम रहे हैं

महिषासुर से सब दिखते हैं

केश खींच घसीट ले जाए ना कोई 

बता कौन पाएगा बचा

माँ! तू दुर्गा बन जा 

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