प्रेरणादायक विचारों का संसार

अति प्रेरणादायक विचार

Kumar Sandeep
17 Aug, 2026 1 min read min read hi
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71) पापा आँखों के सामने होते हैं तो हर रोज़ दीपावली की तरह लगती है, हर रोज़ छठ पर्व जैसा आनंद महसूस होती है पर उनके अभाव में दीपावली के दिन भी मन उदास रहता है, छठ के दिन भी आनंद का नामोनिशान नहीं होता है उस बेटे की ज़िंदगी में जिनके पिता पृथ्वीलोक लोक में नहीं देवलोक में रहते है72) अच्छा विचार, अच्छा व्यवहार, सुंदर संस्कार:- ये सभी एक अनमोल संपत्ति की तरह है। इस संपत्ति के कारण हम किसी के दिल में बस जाते हैं और ये सभी हमारे पास ना हो तो हम अपने अपनों के दिल से भी उतर जाते हैं हमेशा के लिए। अतः प्रयास किया जाए कि सुख सुविधा के साधन, सुंदर रुप, आकर्षक महल हो या ना हो पर अच्छा व्यवहार, अच्छा विचार और सुंदर संस्कार हमारे पास ज़रूर हो।

73) कई बार अहंकार के कारण, ख़ुद को श्रेष्ठ समझने की भूल और क्रोध के कारण हम मजबूत रिश्तों को भी खो देते हैं। इसलिए जिनसे संबंध लंबे समय तक बरकरार रखना उनके सामने बड़ा बनने से बचना चाहिए। उनके सामने कम से कम अपने अहंकार, क्रोध का अंत करना चाहिए।  खुद को श्रेष्ठ समझाने से बचना चाहिए और नकारात्मक भाव को मीलों दूर रखना चाहिए74) जीवन का हर एक मिनट कीमती है, हरेक रिश्ते की विशेष कीमत है, हरेक लोग जो हमसे जुड़े हैं विशेष हैं। अतः हर कीमती, विशेष वस्तु की हिफ़ाज़त, परवाह ज़रूरी है ताकि जीवन की गाड़ी का संचालन बेहतर ढ़ंग से हो 75) लड़कों अच्छे संस्कार भी रखो बदलते परिवेश में अपने अंदर। आज किसी दूसरे की बहन पर ग़लत टिका टिप्पणी करोगे या बुरी दृष्टि डालोगे तो स्मरण रखना किसी मोड़ पर तुम्हारे परिवार की लड़कियों के संग भी वही दुर्व्यवहार किया जाएगा जो आज तुम दूसरे घर की लड़कियों के संग कर रहे हो। स्मरण रहे कर्म फलित होता 76) हम अपने अच्छे चरित्र/व्यवहार के कारण ही किसी के चित(मन) में अपनी विशेष जगह बना पाते हैं वहीं चरित्र पवित्र नहीं है तो हम अपनों के चित(मन) से भी हमेशा के लिए निकल जाते हैं। इसलिए अधिक जरुरी है चरित्र को पवित्र रखना और व्यवहार में सकारात्मक भाव का समावेश करना। 


77)जो लड़कियाँ समझती हैं अपने माता-पिता की मजबूरी,जिनके लिए माता-पिता की इज्जत होती है विशेष, वैसी लड़कियाँ कभी नहीं करती हैं ऑनलाइन या ऑफलाइन कोई भी ग़लत कार्य।78)जिन लड़कों को पिता की फटी एड़ियों का जख्म दिखता है और माँ की आँखों में सपने दिखते हैं वैसे लड़के प्रेमिकाओं के चैटिंग बॉक्स में घंटो नहीं गुजारते हैं। बल्कि माता-पिता के सपनों के लिए ख़ुद की ख़ुशी को भूलकर तपाते हैं ख़ुद

79)विफलता का फल भी मीठे स्वाद से ओतप्रोत है। क्योंकि इस फल के सेवन के उपरांत हम अपनी ग़लतियों को ख़ुद की नज़रों से अवलोकन कर पाते हैं

80)शिक्षक की छड़ी जरुरी है, एक सीमित स्तर तक ताकि विद्यार्थी के भीतर अनुशासन का बीज नियमित रुप से अंकुरित रहे।



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