udit jain
02 Jun, 2020 | 0 mins read
Saket Ranjan Shukla
02 Jun, 2020 | 1 min read
Saket Ranjan Shukla
02 Jun, 2020 | 1 min read
क्यों जहमत करूँ
कुछ लोग समझेंगे नहीं तो उन्हें क्यों समझाया जाए...
0
0
779
Saket Ranjan Shukla
02 Jun, 2020 | 1 min read
लूटा हुआ आसमान
आखि़र क्यों लुटा है ये आसमान, क्यों खिसक गई है पैरों तले जमीं।
0
0
845
Saket Ranjan Shukla
02 Jun, 2020 | 1 min read
माँ
माँ के बारे में लिखना सच में मुश्किल है क्योंकि उसके बारे में कैसे कुछ लिखें जो शब्दों का मतलब सिखाया है...!
0
0
775
Saket Ranjan Shukla
02 Jun, 2020 | 1 min read
बारिश
बारिश का अंदेशा है मगर बारिश अभी शुरू हुई नहीं है, ये मेघ भी तरसा रहे हैं जैसे हमें...!
0
0
803