Tejeshwar Pandey
24 Jun, 2020 | 1 min read
Sonia Madaan
24 Jun, 2020 | 1 min read
Saket Ranjan Shukla
24 Jun, 2020 | 1 min read
मेरे सपनों का आशियां
कुछ सपने ऐसे भी होते हैं जिनका संभव ही पाना लगभग नामुमकिन होता है लेकिन मन को सपने देखने से क्यों रोकें भला
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Shah طالب अहमद
23 Jun, 2020 | 0 mins read
Poetry 11
बेशक़ तुम मेरी जान ले लेते । पर उस से पहले । एक बार मुझे जान तो लेते।
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Aman G Mishra
22 Jun, 2020 | 1 min read
जब मैं डर गया
उस शाम से मुझ में डर घर कर गया, जबसे मैं उस गली से गुज़र कर गया। सूनी गली में खंडहर हवेली से क्या गुज़रा, उस वक़्त कोई उलटे पांव लौट कर गया। शाम के सन्नाटे बीच चीखती आवाज़, कोई परिन्द बाज़ू से फड़फड़ा कर गया। रोएं खड़े आंखें चेतीं पैर थरथराने लगे, एक झोंका आया औ' लगा मैं मर गया। दिल-ओ-दिमाग-ए-हाल खौफ़-ज़दा मैं इतना डरा चश्म पानी से भर गया। इस हालत में कुछ न सूझा, माँ ने कहा था, "राम नाम लेना'',लेते ही, सारा डर गया। - Aman G Mishra
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