रिश्ता
भाई बहन का रिश्ता
Photo by Agung Pratamah on Unsplash
दर्पण और परछाई सा,
खुशियों में मिठाई सा,
तकलीफ में दवाई सा,
है रिश्ता हमारा तुम्हारा।
प्रेम के खूबसूरत रंग सा,
अजब गजब से ढंग सा,
थोड़ा खुला थोड़ा तंग सा,
है रिश्ता हमारा तुम्हारा ।
दूर होकर भी लगे पास,
मन में भी सदा रहे आस,
डोर है आपस की विश्वास।
है रिश्ता हमारा तुम्हारा।
बाँधे नही किसी डोर से,
खोजे नही किसी छोर से,
अलग है सारे और से,
है रिश्ता हमारा तुम्हारा।
पाप पुण्य से परे हो,
नही किसी से डरे हो,
जिद पर न कभी अड़े हो,
है रिश्ता हमारा तुम्हारा।
हो खून का भले नही,
पर दिल से जुड़ी रही,
मन में न लालच कही,
है रिश्ता हमारा तुम्हारा।
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