Saket Ranjan Shukla
12 Mar, 2022 | 1 min read
करके दगा, दोस्ती का वास्ता न दो
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Dakshal Kumar Vyas
11 Mar, 2022 | 0 mins read
जीवन सत्य
सत्य यही है की सभी अत्यधिक स्वार्थ है एवम कोई दुसरो की भलाई नही चाहता परंतु मैं ऐसा नहीं
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Dakshal Kumar Vyas
09 Mar, 2022 | 0 mins read
शहर
एक प्रकार से शहर रोज़गार दे रहा है परंतु अपराध, बेरोजगारी, गरीबी भी उतनी ही ज्यादा है।
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