Sushma Tiwari
28 Jun, 2020 | 1 min read
हे ईश्वर! मैं आपको स्मरण करती हूं
हे ईश्वर आपके जिस स्वरुप को हम हृदय में रखते है बस उसकी वंदना करते है, परन्तु आप के अनंत रूप है।
3
6
2002
udit jain
27 Jun, 2020 | 1 min read
मेरे गुरूदेव
गुरू मेरा जीवन गुरू मेरी पूजा तुम बिन है कोई दूजा
2
2
1040
indu inshail
27 Jun, 2020 | 1 min read
ईश्वर का सार
ईश्वर तो कई रूप में ढलते हैं। कभी धूप या छाँव तो कभी बारिश की तरह बरसते हैं।।
3
13
1344