सोशल मीडिया के बिन एक दिन

सोशल मीडिया बिना सब सून

Ruchika Rai
17 Apr, 2023 • 1 min read • hi
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सुबह होते ही रोहन ने जैसे ही अपना व्हाट्सएप्प खोला,कोई भी संदेश नही दिखा, उसने सोचा अरे,आज किसी ने गुड मॉर्निंग मैसेज क्यों नही किया,?

फिर सिर झटककर वह अपना ट्विटर एकाउंट खोला,दो चार पुराने रात के ट्वीट्स थे,उन्हें पढ़ने के बाद वह फ्रेश होने को चल दिया।

फ्रेश होकर बाहर निकलते ही उसने जल्दी से अपना फ़ोन लेकर फिर एक बार दुबारा से व्हाट्सएप्प खोला,पर स्थिति वही थी न ही कोई ग्रुप में संदेश और न ही पर्सनल ।

अब रोहन को लगा दरअसल बात कुछ और है,तभी रोहन का पड़ोसी शोभित आकर पूछा कि यार रोहन तुम्हारे फ़ोन में इंटरनेट चल रहा क्या,मेरे तो घर का wifi ही नही काम कर रहा ,पता नही क्या हो गया है न ही कोई सोशल साइट्स काम कर रहे और न ही इंटरनेट काम कर रहा।

हर जगह सर्वर डाउन बता रहा।

रोहन ने कहा,तुम्हारे साथ भी यही हो रहा,अच्छा।

हमें लगा मेरे फ़ोन में ही कोई समस्या हो गयी है,इसका मतलब यह मेरे साथ ही सिर्फ नही हुआ है यह सबकी समस्या है।इतना कहने के बाद रोहन अपने कामों में लग गया।

जल्दी से वह तैयार होकर कॉलेज के लिए निकला मगर यह क्या...कॉलेज पहुँचने से पहले रोज की तरह अपने दोस्तों को मैसेज करने के लिए फ़ोन निकाला तो उसे ध्यान आया कि ओफ्फ,आज तो वाट्सएप्प काम ही नही कर रहा।

कॉलेज पहुँचने के बाद जहाँ देखो वही सोशल साइट्स बंद होने का रोना रोया जा रहा था।एकबारगी रोहन को लगा लोग कुछ ज्यादा ही पैनिक हो रहे हैं,ठीक है न बंद है तो सोशल साइट्स तो हमें क्या।

मगर कुछ देर बाद ही उसे ध्यान आया कि उसे ऑनलाइन क्लास अटेंड करनी थी अब वह नही कर पायेगा।

फिर उसने सोचा चलो आज तो रेस्ट मिला उसे।

इस तरह वह कॉलेज से महत्त्वपूर्ण लेक्चर की क्लास अटेंड करके घर आया।

घर पर आने के बाद चूँकि सोशल साइट्स बंद थी वह खाना खाकर संगीत सुनते हुए सो गया।

शाम को वह उठा तो काफी फ्रेश महसूस कर रहा था।

कई दिनों बाद वह घर के बगल के पार्क में टहलने के लिए गया।बच्चों को वहाँ खेलता देखकर उसे काफी अच्छा लग रहा था।उनकी शरारतें बरबस ही मुस्कान उसके चेहरे पर लेकर आईं।

एक यादगार शाम बिताने के बाद वह घर वापस आया।फिर थोड़ी पढ़ाई करने के बाद टेलीविजन देखने लगा।

बार बार उसका ध्यान फ़ोन की तरफ जा रहा था और उसे कुछ खोया सा महसूस हो रहा था।मगर सिर झटककर वह अपना ध्यान अन्यत्र लगा देता।

इस तरह पूरे एक दिन बिना सोशल मीडिया के बिताने के बाद उसका अनुभव मिश्रित सा रहा।

कुछ जरूरी बातों के लिए हम सोशल मीडिया पर पूर्णतः आश्रित हो गए हैं।

और कुछ गैरजरूरी लत भी लग गयी है।

मगर इस एक दिन में रोहन ने यह सिख लिया कि सोशल मीडिया पर अपनी निर्भरता को वह कम करेगा।

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