Title

Environmental

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rekha jain
rekha jain 05 Jun, 2022 | 1 min read

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   " पर्यावरण का तन सजाने"


इस धरा का तन सजाने कौन आयेगा।

पेड़ पौधों को लगाने कौन आयेगा।(1)


आज पौधे को लगा मत भूल जाना तुम।

रोपकर पानी पिलाने कौन आयेगा।(2)


जल बचा भू को नहीं हम सींच सकतें हैं

प्यास बसुधा की बुझाने कौन आयेगा।(3)


सांस का संकट विकट होने लगा है अब 

जा रही सांसें बचाने कौन आयेगा।(4)


यह चमन सूखा नजर आने लगा है अब

वृक्ष की चादर बिछाने कौन आयेगा।(5)


रो रही बसुधा पुकारे हो रहा दोहन ।

नित नये सच को दिखाने कौन आयेगा।6


लड़खड़ाते वृक्ष को तुम थाम कब पाते ।

यूं गिरेगा वृक्ष तो फिर उठाने कौन आयेगा।7


डॉ रेखा जैन शिकोहाबाद

स्वरचित व मौलिक अप्रकाशित अप्रसारित रचना

डॉ रेखा जैन शिकोहाबाद


पर्यावरण सुरक्षा



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