सड़को पर रहते हुए

सरकारी सुविधाएं मिलती है लेकिन जरूरतमंद वंचित रह जाते हैं

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Varsha Sharma
Varsha Sharma 24 Feb, 2021 | 1 min read
#1000poems

मैं दिन-रात घूमता हूं 

ना कोई डर ना कोई फिकर

 बस एक समय की रोटी की चाहत

 सब कहते हैं गंदा रहता हूं

पर साबुन वह देते नहीं

 सब कहते हैं अनपढ़ हूं

 पर पढ़ने क्यों देते नहीं 

सब कहते हैं छोटा हूं और

काम मुझे देते नहीं 

सब कहते हैं सरकारी सुविधा मिलती है 

पर साहब अगर मिलती तो

हम सड़कों पर सोते नहीं

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Varsha Sharma

varshau8hkd

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