क्या खाना नही बचा ?

संयुक्त परिवार में औरतों के स्वास्थ्य को कई बार अनदेखी हो जाती है लेकिन उसी को जब बड़े बुजुर्गों का साथ मिले तो नहीं पीढ़ी कैसे अपना लेती है

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Varsha Sharma
Varsha Sharma 07 Oct, 2020 | 1 min read

संयुक्त परिवार है, सास ससुर, दो बेटे और दो बहू हैं| दो प्यारे प्यारे बच्चे हैं| छोटे बेटे की अभी नई नई शादी हुई है| दोपहर का समय है| आज संडे है सब ने खाना खा लिया|

"दीदी चलो हम भी खा लेते हैं" पूजा ने अपनी जेठानी से कहा|

जेठानी विभा बोली "हां चल-चल, पहले गर्म खाना खाते हैं फिर रसोई समेट देंगे, तू परोस ले|"

"सलाद तो खत्म हो गया अब क्या काटेंगे?? दाल सब्जी तो है ही और रायता आप खाओ तो मैं बनाती हूं नहीं तो मुझे नहीं खाना" पूजा बोली|

विभा ने पूजा की तरफ देखा और मुस्कुराई "चल तू खाना लगा मैं आती हूं|"

पूजा ने डाइनिंग टेबल पर खाना लगाया और अपनी जेठानी को बुलाया| विभा आई किचन से एक हाथ में सलाद की प्लेट और दूसरे में रायता लेकर|

"अरे यह कहां से आया दीदी? यह तो खत्म हो गया था"|

"हां पूजा, खत्म तो हो गया था| बाकी सामान तो घर में ही था| फिर अपने लिए क्यों आलस्य करें?"

"आप तो अन्नपूर्णा हो दीदी, इतनी जल्दी सब करके ले आई|"

"अरे! ऐसा कुछ नहीं है, जब मैं भी नई नई शादी करके आई थी तो लास्ट में जो बचता था खा लेते थी| सोचती थी कि अपने लिए क्या बनाना? लेकिन तभी बेटी बड़ी बिटिया पेट में थी और मेरा हीमोग्लोबिन बहुत कम हो गया| डॉक्टर ने अच्छी डाइट को बोला और डांट भी लगाई| मैं आलस्य के चक्कर में या फिर ज्यादा काम के चक्कर में सबको दे देती थी और अपने लिए जो बचा खा लिया| लेकिन एक दिन सासू मां ने देख लिया और बोली, "बेटा बहू को काम करना भी हम, सिखाते हैं तो यह भी हमारा फर्ज है कि तुम्हें सिखाएं कि हम सबके साथ-साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखो| अगर तुम स्वस्थ रहोगी तो आने वाली पीढ़ी भी स्वस्थ होगी और तुम सबका ध्यान भी अच्छे से रख पाओगे| देखो अगर दूध गर्म ना हो तो हम औरतें अपने लिए आलस कर जाती हैं और अगर कोई परिवार का सदस्य मांगे तो चाहे उबालना हो या मार्केट से लाना हम फटाफट कर के देते हैं| आज से यह बात गांठ बांध लो कि जब तुम्हें कुछ खाना है मतलब खाना है कोई टालमटोल नहीं चलेगी| बस ऐसी आदत बन गई है और अब तू भी अपना ले"

इसके बाद दोनों खाना खाने लगीं| पीछे खड़ी सासू मां उनकी बातों को सुनकर मुस्कुरा रही थीं कि उनकी सीख काम कर रही है और नई पीढ़ी उसे अपना रही है|

दोस्तों, हम महिलाएं कई बार अपने खाने में कटौती कर जाती हैं जबकि काम हम घर के सभी लोगों से ज्यादा करती हैं| तो अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करना बंद करें और अन्य सदस्यों की तरह अपने खाने-पीने का ध्यान रखें| आपको यह कहानी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताएं|


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