Kumar Sandeep
11 Aug, 2022 | 1 min read
Kumar Sandeep
09 Aug, 2022 | 1 min read
Shivani (Paakhi)
06 Aug, 2022 | 1 min read
तुम बदल गई हो....
मैं बस इतना कहूँगी जब भी तुम्हें मुझसे रंजिशें होने लगें उस लड़की को याद करना जो अपने महीने की तनख्वाह सिर्फ एक दिन में तुम्हारे साथ खर्च कर देती है…हाँ वही लड़की जो अपनी जरूरत की चीजें लेने में भी 100 बार सोचती है.. और प्रेम देखो की ये ख़र्चा उसे खटकता भी नहीं वो तो और मेहनत करती है की तुम्हें राजकुमारों की तरह रख पाए…
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03 Aug, 2022 | 1 min read
Can I be your somebody?
You filled me with lies and false hope while you were planning something else.
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Dr.Shweta Prakash Kukreja
29 Jul, 2022 | 1 min read
रक्षा और प्यार का बंधन
भाई बहन का प्यारा सा बंधन सिर्फ एक धागे का मोहताज नहीं।यह तो प्यार का, साथ देने का नाम है।
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Shreya Suraj
09 Jul, 2022 | 1 min read
WHY ARE THE DIVORCE RATES INCREASING?
A short poem comparing the stable relationship of marriage with a stable atom
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Shubhangani Sharma
09 Jul, 2022 | 1 min read
क्यों हम दरिया के दो किनारे रहे।।
तलाक़ की बढ़ती हुई दर के कुछ कारणों को दर्शाती यह छोटी थी कविता।
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