वह चला गया।।

जीवन की सच्चाई। किसी के जाने पर ... लोगों के लिए सिर्फ एक विषय होता है, बात करने के लिए। घर और घर वालों की पीड़ा सिर्फ वे स्वयं ही समझ सकते हैं।

Originally published in ne
❤️ 2
💬 1
👁 778
Shubhangani Sharma
Shubhangani Sharma 08 Sep, 2020 | 1 min read
Calculating read time... 0 min left


सुन यार!! 

वह चला गया... 

वह आदमी बहुत अच्छा था.... 

मुंह का थोड़ा कड़वा था, 

पर दिल का तो सच्चा था।।

दूर खड़ी मां सोच रही थी, 

जो भी हो वह... 

मेरा तो नन्हा सा बच्चा था।।

वहीं कई महिलाओं से घिरी बीवी के मन से भी आवाज़ आयी... 

लोगों को बात करने का मौका तो मिल गया...

मेरे लिए तो समझो मेरा दिल गया।

मेरा साथी वह बड़ा सच्चा था,

सब कहते हैं वह आदमी बड़ा अच्छा था।।

बच्चों की मन की तो बस मन में ही है,  

आंखों में हर आंसू सच्चा था।।

सर का साया, घर की छत था... 

द्वारे का वो छज्जा था।।

वह तो अब बस चला गया, 

जो आदमी बड़ा अच्छा था।।

भाई - बंधु - सखा - मोहल्ला,

सबका वह यारा सच्चा था,

सूना कर के सबके दिल को,

सो गया वह....

जो आदमी बड़ा अच्छा था।।




2 likes

Support Shubhangani Sharma

Please login to support the author.

Published By

Shubhangani Sharma

shubhanganisharma

Comments

Appreciate the author by telling what you feel about the post 💓

  • Namrata Pandey · 5 years ago last edited 5 years ago

    बेहद मार्मिक

Please Login or Create a free account to comment.