किससे किस्से कहूं मेरे दिल के ?
किससे किस्से कहूं मेरे दिल के ?
कोई मेरी न सुनता है
जिन्हे भूलना चाहूँ, वही यादें ,
वो बार बार धुनता है |
चाहता हूँ उनसे प्यार करना , पर
वो बातें हमेशा नफरती करता है |
कर रहा हूँ कोशिशें मसल्सल पर वो है कि
ज़मीन बनने ही नहीं देता है |
मैंने सर झुकाया, गिड़गिड़ाया,पर वो है कि
मेरी बातों को कोई तवज्जो नहीं देता है |
इन हालातों में कैसे नजदीक आये हम
नजदीकी के लिए कुछ तो करना पड़ता है|
प्यार नहीं जब दरम्यां , तो बताओ
इन हालातों में कौन सा रिश्ता टिकता है ?
Paperwiff
by sheelvratpateriya