बदनाम न हो ये मोहब्बत

बदनाम न हो ये मोहब्बत

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Saket Ranjan Shukla
Saket Ranjan Shukla 18 Nov, 2021 | 1 min read
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ये नादानियाँ और ये तमाशे तमाम मत करो,

नज़रें चुराने की जरूरत हो, वैसे काम मत करो,


हमारे बीच की बातों को हमारे बीच ही रहने दो न,

हमारे झगड़ों को यूँ ही बेवजह तो सरेआम मत करो,


बेवफ़ा कहने लगे हैं लोग मेरे साथ-साथ तुम्हें भी अब,

कम से कम ऐसे दाग तो हमारे रिश्ते के नाम मत करो,


रखना चाह रहा हूँ मैं दूर हमारे नामों को हर महफ़िल से,

बेकार‌ के इल्ज़ामों से, मेरी कोशिशों को नाकाम मत करो,


जाना है तो जाओ, “साकेत" के सवालों से आज़ाद हो तुम,

बर्बादी को तैयार हूँ मैं बस इस मोहब्ब्त को बदनाम मत करो।

BY:— © Saket Ranjan Shukla

IG:— @my_pen_my_strength



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