सत्य

कही पढ़ा था

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Ruchika Rai
Ruchika Rai 27 Aug, 2022 | 1 min read

सुनो,कही पढा था

हमारे अच्छे ,बुरे सभी कर्मो का हिसाब

यही होता है।

यही हमें भरपाई करना होता है 

और हाँ यही हमें इनाम भी मिलता है।

आज शिद्दत से मुझे एहसास हो रहा है,

वाकई सब कुछ यही होना है।

कोई भी गणित का नियम,

कोई भी फिजिक्स का सूत्र 

और कोई हिंदी अंग्रेजी साहित्य का प्रश्न,

हमारे कर्मो के हिसाब करने से नही रोक पायेगा।

सुनो,माना की कुछ कष्ट मुझे हो रहे,

पर सुकून तो तुम्हें भी नही है।

माना की तुम मुझे सबक सीखाने का दावा करते,

पर सबक तो तुम्हे भी मिलेगा।

कुछ घातें अगर मैंने सही है तो,

प्रतिघात भी तो तुम्हें मिलेंगे।

सुनो अगर ईश्वर का अस्तित्व होगा तो

दुनिया में सच्चाई और अच्छाई बची होगी तो,

और प्रेम के साथ छल प्रपंच गुनाह होंगे तो

सबक तुम्हें जरूर मिलेंगे।

क्योंकि सत्य की हार ईश्वर की हार होगी।

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Ruchika Rai

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