तेरा साथ

तेरा साथ

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Ruchika Rai
Ruchika Rai 10 Feb, 2022 | 1 min read
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देखा है सदा तुझे मन की आँखों से,

तेरे छुअन का एहसास किया है

सदा ही कल्पना से,

तेरे संग बिताये है बेशकीमती लम्हें

ख़्वाबों में,

सभी कहते हैं ये भरम है मन का

खुद को ठगने भर का प्रयास।

पर वाकई इन लम्हों में ही मैंने

जिंदगी के हर हसीन पल जी लिए हैं।


जब कभी थकान का एहसास हुआ है,

जब कभी दर्द से नम हुई है आँखें,

जब कभी चोट लगा है दिल पर,

जब कभी कोई राह न सुझा है,

जब भरी भीड़ में खुद को तनहा

महसूस की हूँ।

या फिर कभी जब अपनों से भी

चोट मुझको मिली है

तब तुम्हारे साथ बातें

तुम्हारे साथ सरगोशियाँ

जिंदगी से प्यार करना सीखा गयी है।


तुम्हारे साथ का आलिंगन ,

हर पीड़ा में मरहम बना है।

हर दर्द में अचूक दवा बना है,

या फिर जीवन के हर पड़ाव पर

जीने के लिए बेहद जरूरी।

तुम्हारा आलिंगन छल रहित

आश्वस्त करता है मुझे,

हर उस वक्त जब मुझे जरूरत होगी 

तुम मेरे पास होगे।

मुझे दिलासा देते,

मुझे हिम्मत देते,

मेरे आत्मविश्वास को वापिस लाने

की कोशिश करते।

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