बिटिया की आस

बिटिया पढ़ेगी

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Ruchika Rai
Ruchika Rai 08 Jul, 2021 | 0 mins read
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गहन तिमिर के बीच,

एक छोटी सी किरण प्रकाश की।

अज्ञानता के तिमिर को दूर करने

बिटिया लिए मन में विश्वास सी।

पढ़लिखकर जग में नाम करूँ ,

अनवरत यही प्रयास करूँ।

राह के बाधा विघ्नों को पार कर,

निरंतर ही यह आस करूँ।

मैं स्वयं उदाहरण बनूँ,

अपने भाग्य खुद ही लिखूँ।

अक्षर ज्ञान प्राप्त कर,

मैं जरूर स्वावलंबी बनूँ।

माँ बाबा का नाम हो,

हर जगह मिले मान हो,

मैं बिटिया पढ़ लिख कर ऐसा करूँ,

उनको मुझ पर अभिमान हो।

बस इस गहन तिमिर को परास्त कर,

ज्ञान ज्योति में जलाऊँ।

हर तरफ उजाला हो,

ज्ञान का प्रकाश मैं ऐसे फैलाऊँ।

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