Ruchika Rai
Ruchika Rai 20 Sep, 2022
दीन
दीनों के नाथ हे रघुनंदन रघुनाथ, अपनी दृष्टि हम पर रखो हे दीनानाथ, दुख ,तकलीफ जीवन में न आये, करो कृपा सदा ही हम पर हे जगन्नाथ।

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by ruchikarai

20 Sep, 2022

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