Ritu Dadoo
19 Jul, 2021
बारिश की कहानियां
आसमान में काले काले बादल घुमड़ घुमड़ कर शोर मचा रहे थे, आज माँ - बाबा बहुत याद आ रहे थे, बारिश का मौसम देखते ही बाबा की पकोड़ो की फरमाईश ,मौसम को और खुशगवार बना देती, तीन माह पहले दोनो कोरोना के काल के ग्रास में समा गए थे, अचानक पकोड़ियों की खुशबू से चौंक कर पलटी तो देखा भैया भाभी पकोड़ों से भरी प्लेट लेकर खड़े हैं, वह भावुक होकर उनके गले लग गई, उपर से बरसती रिमझिम फुहारे माँ - बाबा के आशीर्वाद जैसा प्रतीत हो रही थी।
Paperwiff
by ritudadoo
19 Jul, 2021
बारिश की कहानियां
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