बारिश की कहानियां
आसमान में काले काले बादल घुमड़ घुमड़ कर शोर मचा रहे थे, आज माँ - बाबा बहुत याद आ रहे थे, बारिश का मौसम देखते ही बाबा की पकोड़ो की फरमाईश ,मौसम को और खुशगवार बना देती, तीन माह पहले दोनो कोरोना के काल के ग्रास में समा गए थे, अचानक पकोड़ियों की खुशबू से चौंक कर पलटी तो देखा भैया भाभी पकोड़ों से भरी प्लेट लेकर खड़े हैं, वह भावुक होकर उनके गले लग गई, उपर से बरसती रिमझिम फुहारे माँ - बाबा के आशीर्वाद जैसा प्रतीत हो रही थी।
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by ritudadoo