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KALESHWAR FILMS
KALESHWAR FILMS 27 Nov, 2020
चिता की राख
लघुकथा - चिता की राख ------------------------------- पुलिस कांस्टेबल विकास कुमार की तीन दिन पहले असामाजिक तत्वों ने हत्या कर दी थी | दरअसल विकास कुमार की हत्या ऑन ड्यूटी हुई थी, इसलिए सरकार ने मुआवजा लाखों में न देकर करोडों में देने का आदेश दिया | यह समाचार न्यूज चैनलों व समाचार पत्रों ने प्रमुखता से दिखाया और प्रकाशित किया | जैसे ही विकास कुमार के परिजनों को मुआवजे के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई | उनमें अशांति छा गई | उनकी संवेदनाएँ हवा हो गई | अब वे अपने विकास कुमार को भूलकर इस उधेड़बुन में लग गये कि विकास कुमार की हत्या का जो मुआवजा मिलेगा उसे विकास कुमार की पत्नी से किस तरह हड़पा जाये, क्योंकि मुआवजे की राशि की असली हकदार तो विकास कुमार की पत्नी ही थी | विकास कुमार के परिजन वकीलों की शरण में सलाह लेने निकल चुके हैं और विकास कुमार की चिता की राख अभी ठण्डी भी नहीं हुई | - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा ग्राम रिहावली, डाक तारौली गुर्जर, फतेहाबाद, आगरा 283111

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मुकेश कुमार ऋषि वर्मा