मेरी पहचान

अगर हौसले बुलंद हो तो कोई ताकत मुझे मंजिल पाने नहीं रोक सकती.

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Manjula Rao
Manjula Rao 07 Mar, 2020 | 1 min read

#मेरीपहचान my identity

खोल बंद दरवाज़ों को

निकलने लगे हैं हम

ज़रा ज़रा ही सही 

बदलनें लगे है हम

दरकार नहीं अब हमें

किसी जे़बाई की

अपने अंदर की अदा से

निखरने लगे हैं हम

बंधे हुए थे हम

किसी झील की मानिंद

तोड़  हर तटबंध

किसी दरिया की तरहा

बहनें लगे हैं हम

काट कर रख दिए थे

पंख ज़माने नें फिर भी

अपनें हौसलों से उडान

अब भरनें लगे हैं हम

मंजुला एम दूसी






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