Lokesh Gulyani
Lokesh Gulyani 01 Dec, 2022
पीठ पीछे
इक नाम पीठ पीछे रख छोड़ा था। ये सोच कर कि बची खुची ज़िंदगी इस नाम से जुड़ी यादों के साथ बसर हो जायेगी। जीवन की परतें उधड़ती रही और अब जब पीछे पलट कर देखा तो कुछ था ही नहीं वो नाम भी नहीं। नाम गुम गया, गुम गया नाम।

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by lokeshgulyani

01 Dec, 2022

नाम गुम जायेगा

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