कोई तो हो....!

कोई तो हो जिसके पास मैं सुकूँ ढूढ़ सकूँ कोई तो हो जिसको लिपटकर रो सकूँ,

Jahaji sandesh
30 Mar, 2021 • 1 min read min read • hi
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कोई तो हो....!

कोई तो हो जिसके पास मैं सुकूँ ढूढ़ सकूँ

कोई तो हो जिसको लिपटकर रो सकूँ,


कोई तो हो जो मेरा इंतज़ार करे,

कोई तो हो जो प्यार बेहिसाब करें


कोई तो हो जिसके लिए बाजार से क्या लाना है तय करना पड़े

कोई तो हो जिसके लिए क्या ख़रीदना है तय करें


कोई तो हो जिसके बाहों में नींद आये,

कोई तो हो जिसमें ये दिल खो जाए,


कोई तो हो जो सुबह अपने लबों से चूमकर उठाए,

कोई तो हो जिसके बालों की खुशबू अंदर तक समाए,


कोई तो हो जो हाँथ थाम ले उम्र भर के लिए,

कोई तो हो जो साथ दे ताउम्र भर के लिए,


कोई तो हो जो हर वक्त साथ नजर आए,

कोई तो हो जिसको हँसी के पीछे की वो बात नजर आए,


कोई तो हो जिसे चुप होकर रोना समझ आये,

कोई तो हो जिसे किसी का साथ न होना समझ आये,


कोई तो हो जिसे हर अनकही बात सुनाई दे,

कोई तो हो जिसे हर चोंट दिखाई दे,


कोई तो हो जो बालों को सहलाये,

कोई तो हो जो हर सांसों में बसती जाए,


कोई तो हो जिसकी गोद मे सोना अच्छा लगे,

कोई तो हो,जिसे मेरा होना अच्छा लगे,


कोई तो हो जो घबराहट में मेरा हाँथ पकड़ ले,

कोई तो हो जो बिना कहे हर हालात पकड़ ले,


कोई तो हो जिसे दुनियां की परवाह न हो सिवाय मेरे,

कोई तो हो जो कहे "कोई नहीं सिवाय तेरे"...


ख़्वाब कब बदले हक़ीक़त में ,यहाँ किसको होना चाहिए,

वो "कोई तो हो" कि जगह तुम्हें ही होना चाहिए...

✍️ गौरव शुक्ला'अतुल'©

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