बुंदेली कहानी

सात सौ जन्म को साथ

Originally published in hi
❤️ 2
💬 0
👁 997
Babita Kushwaha
Babita Kushwaha 28 May, 2020 | 0 mins read
Calculating read time... 0 min left

एक हादसा में प्रिया ने अपने दोनउ पाओ खो दये ते। ससुराल में सबरे पेला उये भोत चाहत ते लेकिन अपंग होबे के बाद अब बा सबखा बोझ लगन लगी ती। सास सुमित्रा जी अपने लड़का से बोली "अब तेरी लोगाई ऐते नई रह सकत इये ईके मायके छोड़ आ। अब तो तोरो दूसरो ब्याओ ई से भी अच्छी मोड़ी से करवा हो"

"भोत हो गओ अम्मा अब बस भी करो। जेई हादसों काल अगर मोरे संगे होतो तो का मोये भी घर से नेकाल देती। ब्याह करो है मैंने उ के संगे सात वचनन में सात जनमन संगे रेबे को वादों करो है मैंने उसे।"

रवि का बात सुन के अम्मा चुप हो गई। रवि जब भीतर आओ तो प्रिया ने उये गले से लगा लओ। सात नई सात सौ जनमन को संग चाने मोये।

स्वरचित

@बबिता कुशवाहा



2 likes

Support Babita Kushwaha

Please login to support the author.

Published By

Babita Kushwaha

Babitakushwaha

Comments

Appreciate the author by telling what you feel about the post 💓

Please Login or Create a free account to comment.