इंडिया और चाइना

भारत की तैयारी ही देख चाइना को पीछे हटना पड़ा, वो जितना आगे बढ़ा था भारत के जवानों बिना लड़े उसे पीछे धकेल दिए

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Sanoj Kumar
Sanoj Kumar 31 Jul, 2020 | 0 mins read
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बीते कुछ दिनों से आप लोग काफी चर्चा सुन रहे होंगे, इंडिया चाइना युद्ध की खबरें सबके जुबान से बढ़ चढ़ कर कही जा रही है। युद्ध, जिसके नाम से आधे देश वाशियो का हालत खराब हो जा रहा है, वहीं कई लोग इसे मनोरंजन की तरह ले रहे है। हमारे देश वाशियो को वर्तमान प्रधानमंत्री पर काफी भरोसा है, कि हम ही जीतेंगे। पर क्या आप जानते है युद्ध सिर्फ जीत हार तय नहीं करता बल्कि ये आपके भविष्य के कई साल को भूत काल में धकेल देता है। चलिए आज आपको मैं वर्तमान की इंडिया चाइना के रिश्ता बयां करता हूं।

बीते दिनों हमारे देश के सैनिकों की शहीद होने की खबरें आई थीं। ये चाइना के सीमा पर चीनी सैनिकों ने किया था। ये बात तो सब जानते है कि चाइना कितना सम्पूर्ण देश है, वहां हमारे देश के तुलना में काफी जायदा सुविधा और क्षमता भी है। अभी जब चारो तरफ कोरोना का कहर चल रहा है, सभी देश आर्थिक मानसिक संकट में है तभी चाइना भारत के सीमाओं पर कब्जा करना चाह रहा है। वो सोचा, अभी स्थिति सही नहीं है और सभी देश अपनी सारी क्षमता कोरोना से लड़ने में लगा रहे है इस स्थिति में वो भारत पर दबाव बना सकता है। पर भारत पहले से काफी आगे निकल चुका है, अब हमारा देश किसी के झुकाने से नहीं झुकने वाला। हमारा देश, शहीदों का बलिदान बेकार नहीं जाने देगा। इसलिए प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और सभी मंत्रीगण ने इसका जवाब देने का निर्णय लिया। भारत के पास जवाब देनेे के दो माध्यम है, पहला आर्थिक और दूसरा युद्ध। भारत ने एक साथ दोनों रास्ता चुना।

हमारे देश में चाइनीज समान का उपयोग बहुत अधिक होता है, जिससे चाइना को आर्थिक मदद मिलती है। यदि हम उनका सामान नहीं खरीदें तो उन्हें भारी नुकसान होगा और उनकी आर्थिक स्थिति भी खराब होने की संभावना है। ये बात सभी भारत वासियों ने समझा और लोगों ने चाइनीज समान का बहिष्कार किया। हां कई लोग, बातों कि गहराई को समझे बिना ही कदम उठाए। जैसे घर पर पड़ी चाइनीज समान को जलाया, बर्बाद किया। मैं पूछता हूं जो समान आप ने खरीद लिया है उससे चाइना को नुकसान कैसा। ये तो आपका सामान है यदि इसे आप खुद नष्ट कर रहे है तब तो ये आपकी नुकसान हुई। देशवासियों का साथ देख कर भारत सरकार ने भी कड़ी नियम लगाए। चाइना के साथ कई डील रद्द कर दिया, चाहे इसमें नुकसान भी क्यों ना झेलना पड़ा। कुछ दिनों बाद टेक्निकल मार्केट में भी चाइना को ठोकर दिया। कई चाइनीज ऐप को बैन किया जो भारत से बहुत ही ज्यादा कमा रहे थे। इसमें टिक टॉक भी सामिल है जिसके भारत में सबसे अधिक यूजर थे। ये सब से चाइना को आर्थिक रूप से बहुत बड़ा झटका लगा और भारत को थोड़ा नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। इससे अब भारत के लोगो को बहुत फायदा होने वाला है, अब भारत की वस्तुओं का उपयोग जायदा होगा और भारत का पैसा बाहर नहीं जाएगा। इससे रोजगार में भी काफी मदद मिलेगी।

चाइना सोचा भारत युद्ध नहीं कर पाएगा और यह घुटने टेक देगा। पर ये उनका सबसे बड़ा गलतफहमी था। कुछ सालों से चाइना बोर्डर पर ट्रांसपोर्टेशन के लिए अच्छा साधन बना दिया गया है। जिससे वहां के सैनिकों को बहुत जल्दी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है। भारत के पास आज की तारीख में काफी तरह के युद्ध सामग्री है। बड़े बड़े मिशाइल , तोप और सभी प्रकार का युद्ध सामग्री है। भारत चाइना का ये हमला का जवाब में अपने तीनों सेना (थल वायु और जल) को तैयार कर लिया। देश के रक्षा विभाग ने सीमा पर जा कर सभी का जायजा लिया और ये सुनिश्चित किया कि हां हम तैयार है। चाइना को ईंट का जवाब पत्थर से देने का प्रबंध हो गया है। भारत पहले युद्ध नहीं छेड़ना चाहता लेकिन अगर अब चाइना सीमा के आस पास कुछ हलचल किया और जल्द से जल्द वापस अपने स्थान पर नहीं गया तो उसका जवाब देने हम तैयार है।

यह सब देख चाइना को समझ आ गया होगा कि भारत से लड़ने का क्या परिणाम हो सकता है, भारत उसपर कितना भारी पर सकता है। वैसे भी भारत को बाकी देशों का भी समर्थन है, जो कि एक अच्छे और मजबूती का संकेत है। भारत की तैयारी ही देख चाइना को पीछे हटना पड़ा, वो जितना आगे बढ़ा था भारत के जवानों बिना लड़े उसे पीछे धकेल दिए। ये सब करने में सिर्फ भारत के सैनिक या मंत्रीगण नहीं बल्कि पूरे भारत के लोगो ने अपना योगदान दिया।

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