औरत
बेटी, बीवी, बहु, माँ,
बुआ, मौसी, चाची, मामी,
भाभी, बहन, दादी, नानी...
जाने कितने रिश्तों को संभालती....
बिखरती,निखरती, टूटती, सवरति,
खुशियों को बाटती सबमे, हर आँसू को पल्लू मे छुपाती,
कितनी ही कहानियों का आरंभ है करती, जाने कितनी का अंत बनाती
पर हमेशा अधूरी ही है इसकी खुद की कहानी.....
Paperwiff
by priyankshakadre