Pyaas- Picture prompt 3
और फिर इस कंठ को जब आए न कुछ भी रास
लाख हो व्यंजन और फल सब है उसके दास
शरीर में भी सत्तर प्रतिशत तक है जिसका बास
आँखों से बहता वही तू खुश हो या उदास
कल के लिए बचाना है जब तक है हमारे पास
क्योंकि पानी बिना नहीं बुझ सकती किसीकी प्यास।
Ig- @priyartistfy
Paperwiff
by priyadixit