"अफसर"

हिंदी पढ़ाई में रूचि जगाएं।

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-गुड मार्निंग सलीम बेटा!आज हम आप को एक हिंदी का गीत याद कराएंगे।आ जाओ।

मालिक अपने चौकीदार के चार वर्षीय बेटे से बोले।

-अरे नाहीं साहिब!हमार बिटवा को आप तो अंग्रेजी पढ़ाकर बाबू बनाय दो।बड़ा अफसर बनिहै, तो गरीबन का दुःख दर्द समझेगा और ईमानदारी से सबका भला करबे करे।-क्यों -असलम!तुलसी,रसखान,सूर,कबीर,रहीम,जायसी... ये सब भी तो कितने प्रसिद्ध हिंदी के विद्वान, लोकप्रिय कविऔर लेखक रहे हैं।हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा और मातृभाषा भी है,फिर भी ऐसा सोचते हो?हम भी हिंदी के प्रोफेसर रहे हैं,गीतकार और लेखक भी हैं।

सेवानिवृत्त वर्मा जी बोले।

- ये सारे जिंदगी पर जूझते रहे हैं, जग से जाने के बाद ही इनका नाम होता है।हम जीते जी हीअपने बेटे को अफसर बनाकर धन,सुख,सेवाऔर यश दिलाना चाहते हैं।

मुस्कुराता हुआ सलीम हिंदी की किताबें लिये चला आ रहा था।

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स्वरचित-डा.अंजु लता सिंह,नई दिल्ली


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