तिमिद (अंधेरा )
भर भर थाली फेंक रहा क्यों अन्न की कीमत पूछो जो दाने-दाने को तरस रहा,
भीड़ भरी इस दुनिया में रिश्ते नातो की कमी नहीं पर निश्चल प्रेम को हर कोई तरस रहा|
जलधि में जल की कमी नहीं पर पीने के पानी की अल्पता है यहां,
जग जग घूम भलाई ढूंढ रही मैं पर मेरे अंदर खोट भारा,
ज्यो जग उजियारा ढूंढ रही मैं और मेरे अंदर तिमिद भारा,
और हर क्यों का उत्तर होता नहीं यहां ज्यो हर प्रश्न के अंदर उत्तर छिपा|
Paperwiff
by Priyanka Rathi