कोरोना के बीच झूठी अफवाहें

कोरोना के बीच अफवाहों से सावधान रहें।

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Babita Kushwaha
Babita Kushwaha 12 Apr, 2020 | 0 mins read

जब भी देश मे कोई बदलाव होता है अरे देश मे ही क्यों किसी के जीवन मे कुछ भी बदलाव आया नही की अफवाह उड़ने लगती है। हर किसी ने अपने जीवन मे अफ़वाहों का अनुभव जरूर किया होगा। कई बार यह अफवाहें गंभीर रूप भी ले लेती है। ऐसी ही एक अफवाह जो मेरे करीबी रिश्तेदार के साथ हुई मैं आपके साथ शेयर करना चाहूंगी।

मेरे चाचाजी जो कुछ दिन पहले ऑफिस के काम से ग्वालियर गए हुए थे। तभी लॉक डाउन लग गया और वो वही फस गए। किसी तरह वहाँ से सागर अपने घर आने के लिए कलेक्टर से परमिशन मिली। ऑफिस वालो ने उन्हें लेने के लिए गाड़ी भी भिजवा दी। आज के समय मे देश मे जो हालात है उसमें सतर्कता और बचाव ही इलाज है यह सोचकर चाचाजी ने हॉस्पिटल जा कर एक बार चेकअप करवाना उचित समझा। हॉस्पिटल स्टाफ को जब पता चला कि वह 10 दिनों तक ग्वालियर रह कर आये है तो उन्होंने सतर्कता के तौर पर जब तक टेस्ट रिपोर्ट न जाये तब तक उन्हें हॉस्पिटल में ही क्वारंटाइन कर लिया। इसी बीच किसी ने अफवाह फैला दी कि उन्हें कोरोना वायरस हो गया है इसलिए हॉस्पिटल में रोका गया है जबकि ऐसा कुछ नही था। अफवाह आग की तरह इतनी फैली की रिश्तेदारों और दोस्तों के फोन आने शुरू हो गए। रिश्तेदार कभी चाचाजी को फ़ोन करते कभी उनके परिवार वालो को। सब अपने अपने स्तर पर सलाह और सांत्वना दे रहे थे जैसे उन्होंने खुद हॉस्पिटल आ कर कोई गुनाह कर दिया हो। चाचाजी इस सब से बहुत ज्यादा परेशान हो गए अब तो उन्हें भी डर सताने लगा की सच मे मुझे वायरस तो नही हो गया। आखिर मजबूर हो कर उन्हें अपना फ़ोन बंद करना पड़ा। दो दिन बाद उनकी सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल आई फिर भी डॉक्टर ने कुछ दिनों तक उन्हें होम आइसोलेशन में ही रहने की सलाह दी। जब घर पहुँचे तो पड़ोसी उन्हें अपनी खिड़कियों से ऐसी नजरो से देख रहे थे जैसे वो बहुत बडा अपराध कर के आये है भले ही वो एकदम स्वस्थ है लेकिन अब कोई मानने को तैयार नही है।

दोस्तो आज हमें सिर्फ कोरोना से ही नही बल्कि झूठी अफवाहों से भी खुद को बचाना है। अपनी जलन दुश्मनी या बदले की भावना या मनोरंजन के लिए इतना न गिरे की किसी इंसान के चरित्र, छवि या उसे व्यक्तिगत रूप से नुकसान पहुँचे। आपके कुछ पल के मनोरंजन पे किसी की जिंदगी टिकी हो सकती है। साथ ही सिर्फ अफवाहें फैलाने वाला ही गुनहगार नही होता, उसके झुठ को सह देने वाले भी उतने ही दोषी होते है। इस समय आप को फोन पर या कहीं भी ऐसी खबर सुनने को मिले तो बिना उसकी सच्चाई जाने उस खबर को हवा न दे। घर पर रहे, स्वस्थ रहे।

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